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The Gita: Srimad Bhagwadgita: श्रीमद्भगवद्गीता : Chapter 2:25-26

“जहां सत्य एक है वहीँ सत्य अनन्त भी है और उसको दर्शाने, उस को अपने अंतर में स्पष्ट देख लेने के मार्ग भी अनन्त हैं | कृष्ण बार-बार अर्जुन को एक ही सत्य तक पहुंचने के अलग-अलग रास्ते दिखा रहे हैं – समय कम है, युद्ध सामने है अन्यथा गीता तो अनन्त हो जाती। हरि अनंत हरि कथा अनंता।” – आचार्य अज्ञातदर्शन आनंद नाथ Continue reading

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