Tag Archives: Prithvi Tatva

God in search of man or Man in search of God?

शब्द प्रमाण है कि ‘आत्म-तत्व’ के दर्शन होने पर ही मनुष्य को दुःखों और इच्छा-पाश से मुक्ति, जीवन पर नियंत्रण की शक्ति, परम शान्ति, आनंद व रूपांतरण का सामर्थ्य प्राप्त होता है परन्तु यह भी सत्य है कि दृष्टान्तों के माध्यम से; तर्क से या विचारों से हम इस आत्म तत्व को अनुभूत नहीं कर सकते । पुस्तकों में लिखे शब्द हमारा अनुभव नहीं बन सकते । ‘सत-चित-आनंद’ के स्रोत स्वरूप ‘आत्मा’ की खोज के लिए हमें ही प्रयत्न करना होगा , ‘तत्व शक्ति विज्ञान’ तंत्रशास्त्र पर आधारित गुरु-शिष्य परम्परा से प्राप्त वह प्रामाणिक विधा है जो चेतना और मन के सांयुज्य और केंद्रीकरण की गुप्त विधियां साधकों को उपलब्ध कराती है। चूंकि तत्व-विधि व ज्ञान गुरुगम्य है व दीक्षोपरान्त ही फलित… Continue reading

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Tantra – The spiritual Science of taming Energy

Scientists agree that whatever tangible exists in this universe is matter or energy. Yet another postulate from one of great scientist Albert Einstein proved that even matter is energy. So what we are left with.. is only energy as the ONLY constituent of this reality is ‘Shakti’. Scientists are trying to find out mechanical or physical methods to tame this energy and succeeded in it partially. Tantra gives out techniques to tame this energy in other possible ways. Continue reading

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