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God in search of man or Man in search of God?

शब्द प्रमाण है कि ‘आत्म-तत्व’ के दर्शन होने पर ही मनुष्य को दुःखों और इच्छा-पाश से मुक्ति, जीवन पर नियंत्रण की शक्ति, परम शान्ति, आनंद व रूपांतरण का सामर्थ्य प्राप्त होता है परन्तु यह भी सत्य है कि दृष्टान्तों के माध्यम से; तर्क से या विचारों से हम इस आत्म तत्व को अनुभूत नहीं कर सकते । पुस्तकों में लिखे शब्द हमारा अनुभव नहीं बन सकते । ‘सत-चित-आनंद’ के स्रोत स्वरूप ‘आत्मा’ की खोज के लिए हमें ही प्रयत्न करना होगा , ‘तत्व शक्ति विज्ञान’ तंत्रशास्त्र पर आधारित गुरु-शिष्य परम्परा से प्राप्त वह प्रामाणिक विधा है जो चेतना और मन के सांयुज्य और केंद्रीकरण की गुप्त विधियां साधकों को उपलब्ध कराती है। चूंकि तत्व-विधि व ज्ञान गुरुगम्य है व दीक्षोपरान्त ही फलित… Continue reading

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