तेजस्वी व्यक्तित्व प्राप्त करने के उपाय

अभी हाल में ही मै अपने गुरु के दर्शन हेतु व उनके पवित्र सान्निध्य में कुछ समय बिताने के उद्देश्य से इलाहाबाद पहुंचा| हर बार की तरह इस बार भी यहाँ स्टेशन से बाहर निकलते ही एक बिलकुल नए माहौल, नई ऊर्जाओं में अपने आप को घिरा पाता हूँ | प्रयाग (इलाहाबाद) आध्यात्मिक अभिरुचि रखने वालों के बीच एक परम पुनीत तीर्थ के रूप में जाना जाता रहा है| शास्त्रों के अनुसार यहां तीन पवित्र नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है| सरस्वती को एक गुप्त धारा के रूप में वर्णित किया गया है और यह ज्ञानधारा साधना से ही प्रकट होती है |

ऐसा प्रतीत होता है कि सरस्वती की यही गुप्तधारा अब इस शहर के हर नुक्कड़, चाय की दुकानों, स्टुडेंट लाजेज़, छात्रावासों, उद्यानों और गृहों में विचरते रमते अपने साधकों के मन-मस्तिष्क में व्याप्त हो गई है और इसी के प्राकट्य हेतु अनेकानेक प्रतियोगिताओं व प्रसाशनिक सेवा आदि में प्रवेश की तय्यारी में लगे नवयुवकों छात्र दिनरात  एक करते हैं| सिर्फ यहाँ ही नहीं बल्कि देश के उन तमाम शिक्षा के केंद्र बन चुके शहरों में ये सभी सरस्वती (ज्ञान व मेधा की देवी) के साधक छात्र अपनी तय्यारिओं में इतने मशगूल हो जाते हैं कि उन्हें अपने स्वास्थ्य आदि का ध्यान भी नहीं रहता| किताबों व शब्दों की दुनिया में ये साधक इतने खो जाते हैं की वो कई बार तो अपने व्यक्तित्व की चमक भी खो बैठते हैं| यह व्यक्तित्व की कमियाँ उन्हें इंटरव्यू व साक्षात्कार के दौरान विफलता का मुह देखने को मजबूर करती है |

चूंकि कोरी कागज़ी विद्या के अर्जन से कोई व्यक्ति उपयोगी नहीं साबित होता, इसीलिए हर परीक्षा में आप के पूरे व्यक्तित्व की परख की जाती है| इंटरव्यू के द्वारा आपका व्यक्तित्व, आप के आचरण एवं सोच का अनुमान  लगाया जाता है| आपके ज्ञान के अलावा एक कांतिमय शरीर, आत्मविश्वास और व प्रभावशाली भाषा आप के व्यक्तित्व में निखार लाती है |  यदि आप के व्यक्तित्व में तेज होगा तो फिर आप किसी भी इंटरव्यू में असफल नहीं हो सकते | पर इसे पाने के लिए आप को क्या करना चाहिए?

योगशास्त्र में तेजस्वी व्यक्तित्व प्राप्त करने के उपायों को तीन सोपानो में बाँट दिया गया है – यम, नियम और आसन | विद्यार्थी यदि इनमें से केवल दो सोपान यानि कि यम और आसन को साध लेते हैं तो जीवन में कुछ में असंभव नहीं है| यम के अंतर्गत आते हैं – अहिंसा, सत्य, अचौर्य, अस्तेय व ब्रह्मचर्य | विद्यार्थियों को मारपीट, हिंसक भाषा, असत्य भाषण. चोरी व कामुकता से दूर रहना चाहिए | यदि आप इन दुर्गुणों से बचेंगे तो आप के भीतर एक कान्ति का जन्म अवश्य होगा | शास्त्र कहते हैं – “शरीरमाद्यं खलुधर्म्साधनं” । ये शरीर ही हमारे सभी आकाङ्क्षाओ का साधन है। इस शरीर को स्वस्थ रखना भी उतना ही जरूरी है जितना अपने मस्तिष्क को। आसनो मे सर्वोत्तम आसन है – सूर्यनमस्कार। इस से आप को अध्ययन के दौरान थकावट, आलस्य इत्यादि से छुटकारा मिलेगा व मन एकाग्र होगा | प्रतिदिन यदि आप ५-१० चक्र सूर्यनमस्कार के कर ले तो आप का शरीर नीरोगी रहेगा और आप अपने विद्याध्ययन मे कोइ विघ्न नही होने देगे।

सरस्वती की साधना करने वाले योगियों को हमारे शास्त्र विद्यार्थी की संज्ञा देते हैं| विद्यार्थियों के पांच लक्षण बताये गए है इस श्लोक में –
“काकचेष्टा, बको  ध्यानं
, श्वान  निद्रा  तथैव च, अल्पाहारी  , गृहत्यागी , विद्यार्थी  पञ्च लक्षणं” श्लोक कहता है की विद्यार्थी के अन्दर कव्वे जैसा दृढ प्रयास, बगुले जैसी तल्लीनता, कुत्ते के सामान हलकी नीद, कम भोजन करना व घर से दूर रहने जैसे पांच लक्षण होने चाहिए|

अंत में यह कहना आवश्यक है कि हर विद्यार्थी को समझना चाहिए कि वह एक सरस्वती साधक है | उसे अपनी साधना को गंभीरता से लेना चाहिए | परिश्रम व अनुशाशन से से ही आपका व्यक्तित्व निखरेगा और आपके जीवन में क्रान्ति व समृद्धि आएगी |

– आचार्य अज्ञातदर्शन

About Ach. Agyaatdarshan Anand Nath

Master AD, as Acharya Agyaatdarshan Anand Nath is lovingly called by his disciples, friends is a true Tantra Master. You can either love him or hate him but for sure you can NOT ignore him. He and his beloved consort Ma Shakti Devpriya Anand Nath are engaged in spreading scientific spirituality in masses through their Tattva Shakti Vigyaan initiation camps. Master AD has equal command on Yoga, Pranamaya, Tantra and Kriya Yoga techniques and guides seekers worldwide.
This entry was posted in Master's Silence and tagged , , , . Bookmark the permalink.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s